Keylogger kya hai, keyword kaise track hota hai

Keylogger kya hai, keyword kaise track hota hai. Computer और Smartphone तो हम सभी यूज़ करते है. हम सभी को पता है की किस तरह से हम अपने device को ओरों के एक्सेस से बचा सकते है इसलिए ही हम तरह – तरह के password का इस्तेमाल करते है. लेकिन फिर भी बहुत से लोगो के password hack हो जाते है, फिर चाहे बो password आपके device का हो या किसी अकाउंट का. अगर दोस्तों आपने कभी keylogger के बारे में सुना होगा तो आपको मालूम होगा की यह सब keylogger की सहायता से होता है.

keylogger से लोग सिर्फ password ही नहीं बल्कि आप अपने device के keyword से जो कुछ भी type करेंगे सब कुछ हैक कर सकते है, जैसे आपने किसी को क्या sms या email भेजा बह सब पड़ सकते है. इससे हमे personally ही नहीं बल्कि financially भी नुकसान पहुँच सकता है. ज्यादा तर keylogger का इस्तेमाल targeted ब्यक्ति पर किया जाता है. अगर आप किसी hacker या आपके किसी दुश्मन के नज़रों में है तो वह शायद keylogger का इस्तेमाल आपके लिए कर सकता है. लेकिन आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है, हम आज इस आर्टिकल में डिटेल में बात करेंगे Keylogger kya hai, keyword kaise track hota hai और हम इससे कैसे बच सकते है.

 

Keylogger kya hai:

जब हम keyword में key press करके कुछ भी type करते है तो, कोई hardware या software उसको रिकॉर्ड करके उसकी एक log file बना देता है उस hardware या software को keylogger कहते है. तो अब आपको मालूम हो गया होगा की हमारा keyword एक kardware या किसी software से track किया जा सकता है जिसे हम keylogger कहते है.

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hardware keylogger:

hardware keylogger दिखने में dongle या pandrive की तरह का होता है. जिसे भी आपका keylogge चाहिए वह आपके keyword के आगे उस hardware keylogger को लगा देगा, अब आप जो भी अपने keyword में type करेंगे बह सब उसे hardware keylogger में store होता जायेगा और आपको शायद कभी पता भी नहीं चल पायेगा क्यूंकि 90% लोग कभी भी यह चेक नहीं करते की उनके keyword में कुछ एक्स्ट्रा device तो नहीं लगा है.


कुछ ऐसे module भी आते है जिन्हें keyword के कनेक्टर में नहीं बल्कि keyword के अन्दर लगाये जाता है. अगर आपका wireless keyword incrypted signal नहीं भेजता है तो ऐसे में उस keyword की फ्रीक्वेंसी को मैच करके उसे hack or track किया जा सकता है.

software keylogger:

हमारे device में ऐसा software इनस्टॉल कर दिया जाता है जो device के keyword typing को रिकॉर्ड करके उसकी एक log file बनाता रहता है, ऐसे software को हम software keylogger कहते है. software keylogger का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है क्यूंकि hardware तो दिख जाता है software का पता लगा पाना थोडा मुशिकिल होता है क्यूंकि यह software बैकग्राउंड में चलते है इसलिए इनका पता नहीं लग पाता है. बहुत बार software ऑन लाइन भी हमारे device में इनस्टॉल हो जाता है और हमे पता भी नहीं चलता.

keylogger से कैसे बचे, keyword को hack या track होने से कैसे बचाए:

hardware का इस्तेमाल आपके साथ बाला ही कोई कर सकता है इसलिए अपने ऑफिस में या कंही पर भी कंप्यूटर इस्तेमाल करने से पहले चेक कर ले की कंही कुछ एक्स्ट्रा device तो नहीं लगा है.

अगर आप एक wireless keyword का इस्तेमाल करते है तो आपको पता हो की यह encrypted signal भेजता हो, इसलिए trusted company के ही wireless keyword इस्तेमाल करे.

अपने कंप्यूटर या अन्य device को कुछ समये बाद चेक करते रहे की उसमे कंही कोई unwanted एप्लीकेशन तो इनस्टॉल नहीं हुई है. अगर हुई हो तो उसे तुरंत un-install कर दें.

जब आप किसी ऑनलाइन account, bank account को ओपन करे तो virtule keyword का इस्तेमाल करे. जब आप अपने बैंक अकाउंट को ओपन करते है तो आपने बांह पे virtual keyword देखा होगा वह इसी के लिए दिया गया होता है ताकि कोई आपके keyword को track करके बैंक अकाउंट का password न हैक कर दे.

 

 

 

 

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