टैक्स क्या है (Income Tax kya hai), टैक्स किससे और क्यों लिया जाता है?

क्या आपको पता है की हम एक टॉफी खरीदें तो भी उसके लिए टैक्स चुकाते है। टैक्स हम सभी किसी न किसी रूप में सरकार को देते है। लेकिन क्या आपको पता है टैक्स क्या है(Income Tax kya hai), टैक्स किससे और क्यों लिया जाता है, टैक्स कितने प्रकार के होते है।

इस आर्टिकल के माद्यम से हम आपको टैक्स (Income Tax) की सभी जरुरी जानकारी देने बाले है अगर आप टैक्स के बारे में जानना चाहते है, तो इस आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़े।

टैक्स क्या है – Tax kya hai

एक राष्ट्र को विवेकपूर्ण तरीके से चलाने के लिए, सरकार को eligible citizens से कर एकत्र करने की आवश्यकता होती है; सरकार को टैक्स देना हर एक व्यक्तिका के लाइफ का एक अभिन्न हिंसा आता है, चाहे हम दुनिया में कहीं भी रहें। अगर हम एक टॉफी खरीदें है तो भी उसके लिए टैक्स चुकाते है।

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टैक्स बहुत से प्रकार के होते है जैसे कि राज्य कर, केंद्र सरकार कर, प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर, इत्यादि। मुख्या रूप से देखें तो टैक्स दो तरह के होते है जैसे कि प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर। यह अंतर इस बात पर आधारित है कि सरकार को कर का भुगतान कैसे किया जा रहा है।

सरकार नागरिकों से टैक्स क्यों वसूलती है?

सरकार के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले लोगों और संस्थानों को जो सरकारी सेवायें उपलब्ध कराती है, उन पर सरकार को काफी खर्च करना पड़ता है। इसमें सड़क, सरकारी हॉस्पिटल, बिजली-पानी से लेकर सुरक्षा और प्रशासन पर आने वाले खर्च भी शामिल हैं।

जो हमें सरकार की तरफ से मदत या सब्सिडी आदि मिलती है, वह सभी टैक्स के रूप में वसूली गयी रकम से दी जाती है।

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टैक्स कितने प्रकार के होते है  – टैक्स के मुख्या प्रकार

प्रत्यक्ष कर

एक प्रत्यक्ष कर एक ऐसा कर है जो एक व्यक्ति या संगठन उस संस्था को सीधे भुगतान करता है जिसने इसे लगाया था। एक व्यक्तिगत करदाता, उदाहरण के लिए, विभिन्न कर के लिए सरकार को प्रत्यक्ष कर का भुगतान करता है, जिसमें Income tax (आयकर), अचल संपत्ति कर, व्यक्तिगत संपत्ति कर या संपत्ति पर कर शामिल हैं।

इनकम टैक्स क्या है – Income Tax kya hai

Income Tax (आयकर) हमारे दौरा कमाई गयी सालाना आय पर लगने वाला टैक्स है। इनकम टैक्स हमारी इनकम का वह हिंसा होता है, जो हर साल हमें अपनी आमदनी में से केंद्र सरकार को देना होता है।

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कितनी इनकम पर कितना इनकम टैक्स लगेगा यह सरकार तय करती है। इनकम टैक्स में एक रकम तक हमें छूट मिलती है, जैसे इंडिया में अगर आपकी आय पांच लाख सालाना से कम है तो आपको टैक्स देना होगा लेकिन पांच लाख से अधिक इनकम आपको टैक्स देना होता है। ध्यान रहे यह नियम हर समय चेंज होते रहते है, तो आप वर्तमान में इनकम टैक्स के क्या नियम उन्हें जरूर पढ़े।

यह टैक्स देश के नागरिकों और संस्थाओं पर किन शर्तों व नियमों के हिसाब से लगेंगे, इनके बारे में इनकम टैक्स (Income Tax) कानून 1961 और इनकम टैक्स (Income Tax) कानून, 1962 में विस्तृत जानकारी दी गयी है।

इनकम टैक्स (आयकर) अलग-अलग income वाले लोगों पर अलग-अलग तरीके से लगाया जाता है।

Income tax कानून (ITA) के सेक्शन 10(1) में कृषि आय को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। कृषि आय किस आमदनी को माना जायेगा, इसका उल्लेख इनकम टैक्स (Income Tax) कानून के सेक्शन 2(1A) में किया गया है।

इनकम टैक्स कितना लगता है

पुराने टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह से कर मुक्त है. इसके बाद 2.5 से 5 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी का टैक्स लगता है, लेकिन इसके बदले सरकार 12,500 रुपये का रीबेट देती है जिससे यह शून्य हो जाता है. यानी 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता.

नए टैक्स स्लैब के मुताबिक 6 लाख रुपये की सालाना इनकम पर इस तरह से टैक्स लगेगा- 1 लाख रुपये पर 10 फीसदी की दर से टैक्स यानी 10 हजार, फिर 2.5 लाख रुपये पर 5 फीसदी के हिसाब से टैक्स यानी 12,500 रुपये और फिर अगले ढाई लाख पर शून्य टैक्स. इस पर करीब 4 फीसदी का सेस लगेगा. इस तरह उसे करीब 23,400 रुपये टैक्स के रूप में देने पड़ जाएंगे.

अप्रत्यक्ष कर क्या है

अप्रत्यक्ष कर प्रत्यक्ष करों से थोड़ा अलग हैं और संग्रह विधि भी थोड़ी अलग है। ये कर खपत-आधारित होते हैं जो सामान और सेवाओं पर लागू होते हैं जब उन्हें खरीदा और बेचा जाता है।

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Indirect Tax सरकार दौरा विक्रेता से वसूला जाता है, और विक्रेता अपनी सेवाओं या वास्तु के मूल्य में टैक्स को जोड़ देता है, और जब वह बस्तु आम आदमी खरीदता है तो उसे उस बस्तु में लगा टैक्स भी चुकाना होता है। लेकिन यह सीधे तोर पर नहीं होता क्यूंकि विक्रेता ने अपनी वस्तु के मूल्य में टैक्स को भी जोड़ दिया होता है।

उदाहरण के लिए आपने अपनी गाड़ी में पेट्रोल डलवाया और उसके आपने 88 रुपए पेट्रोल पंप बालो को दे दिए। अब हम बात करे पेट्रोल असली कीमत की तो सबकुछ मिला के 40 के आस पास पेट्रोल की कीमत होती है लेकिन राज्य और केंद्र सरकार उसपर 100 % तक टैक्स लगाती है और पेट्रोल की कीमत दोगुनी हो जाती है और वह कीमत आम जनता से ली जाती है।

याँह पे हम टैक्स तो दे रहे है लेकिन सीधे सरकार को नहीं दे रहे, इसलिए इसे अप्रत्यक्ष कर कहते है। अप्रत्यक्ष कर के कुछ सामान्य उदाहरणों में बिक्री कर, माल और सेवा कर (जीएसटी), मूल्य वर्धित कर (वैट), आदि शामिल हैं।

मुझे उम्मीद है आपको टैक्स क्या है(Income Tax kya hai), टैक्स किससे और क्यों लिया जाता है, टैक्स कितने प्रकार के होते है, इसकी जानकारी अच्छी लगी हो।

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