Chandrayaan 3 ki jankari| चंद्रयान-3 कब लॉंच होगा|Chandrayaan 3 की लागत||

Chandrayaan 3 ki jankari IN DETAIL, चंद्रयान-3 कब लॉंच होगा, Chandrayaan 3 की लागत क्या होगी चंद्रयान-3 का क्या काम होगा.
ISRO और चंद्रयान क्या है अब पूरे देश को ही नहीं अपितु विदेशो के भी बच्चे-बच्चे को पता चल गया है। इसरो ने chandrayaan 1 सफलता पूर्वक चाँद के ऑर्विट में साथपित किया था। इस मिशन का केवल इतना ही काम था की वह चाँद के ऑर्विट में चंद्र ऑर्बिटर को स्थापित कर सके यह मिशन पहले ही attempt में पूरा हो गया था और इस मिशन की लागत इतनी कम थी की सभी देशो के स्पेस एजेंसीयों के मुँह खुले के खुले रह गए थे।

chandrayaan 1 के सफलता पूर्वक स्थापित ऑर्बिटर ने चंद्रमा के ऑर्विट से यह तो पता लगा लिया की चन्द्रमा पर पानी है लेकिन वह किस-किस रूप में है और कितनी मात्रा में है, यह पता लगाने के लिए चंद्रयान 2 को launch किया गया था जिसमे एक ऑर्बिटर जो पहले बाले से अधिक कुशल है और एक लैंडर और रोबर भेजा गया था। ऑर्बिटर को तो सही से चंद्रमा के ऑर्बिट पर स्थापित कर दिया लेकिन vikram लैंडर की हार्श लैंडिंग होने की बजह से उससे ISRO का सम्पर्क टूट गया। इसलिए यह मिशन पूरी तरह से सफल नहीं हो सका।

अब इस अधूरे मिशन को पूरा करने के लिए ISRO ने chandrayaan 3 की तयारी शुरू कर दी है। इसरो के चीफ के. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-3 को सरकार की अनुमति मिल गई है और इस पर काम चल रहा है। chandrayaan 3 में जापान की स्पेस एजेंसी JAXA को भी शामिल किया गया है। एक तरह से आप यह कह सकते है की CHANRAYAAN 3 मिशन एक जॉइंट मिशन होने बाला है।

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Chandrayaan 3 ki jankari

इसरो चीफ के. सिवन ने काह है की चंद्रयान-3 एकदम चंद्रयान-2 जैसा होगा। लेकिन जाहिर सी बात है chandrayaan ३, chandrayaan २ का अपग्रेडेड VERSION होगा तो यह chandrayaan 2 से तो बहुत अधिक अच्छा होने बाला है। इसमें यह भी ध्यान रखा जायेगा जो खामियां चंद्रयान २ के समय रह गय थे उन्हें फिक्स करना और चंद्रयान ३ को इतना सक्षम बनाना की वह हर कंडीशन में अपना मिशन सफलता पूर्वक पूरा कर सके।

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इस बार chandrayaan 3 के साथ ऑर्बिटर को नहीं भेजा जायेगा। क्यूंकि chandrayaan 2 के समय भेजा गया ऑर्बिटर आने बाले सात सालो तक अच्छे से कार्य कर सकता है और यह ऑर्बिटर आज तक के भेजे गए सभी ऑर्बिटरों से अधिक कुशल और टेक्नोलॉजी से लेस्स है। chandrayaan ३ के मिशन में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से ही इसमें मदद ली जाएगी। चंद्रयान-3 ki jankari IN DETAIL, चंद्रयान-3 कब लॉंच होगा, चंद्रयान-3 की लागत क्या होगी चंद्रयान-3 का क्या काम

चंद्रयान ३ में इसबार सिर्फ लैंडर-रोवर और प्रोपल्शन मॉडल होगा। लैंडर-रोवर और प्रोपल्शन मॉडल पर अभी काम चल रहा है इनको हर कंडीशन में कार्य करने यौगिया बनाया जा रहा है।

विक्रम लैंडर 2

लैंडर विक्रम 2 को चंद्रमा की सतह पर सफलता पूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग के लिए विक्रम लैंडर को अपग्रेड और उसमे नए डिज़ाइन इम्प्लीमेंट किये जा रहे है। Chandrayaan 3 ki jankari IN DETAIL, चंद्रयान-3 कब लॉंच होगा, Chandrayaan 3 की लागत क्या होगी चंद्रयान-3 का क्या काम

प्रज्ञान रोवर 2

रोवर AI-संचालित 6-पहिया वाहन है, इसका नाम ”प्रज्ञान” है, जो संस्कृत के ज्ञान शब्द से लिया गया है। प्रज्ञान रोवर को भी अपग्रेड और उसमे नए डिज़ाइन इम्प्लीमेंट किये जा रहे है। Chandrayaan 3 ki jankari

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chandrayaan 3 की लागत चंद्रयान-3 कब लॉंच होगा

Chandrayaan 3 की लागत

चंद्रयान-3 की बात की जाये तो हमारी ताज़ा जानकारी के अनुसार chandrayaan 3 की लागत 250 करोड़ है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है की इसकी लगत लगभग 650 करोड़ तक जा सकती है। लेकिन हम दूसरे देशो से इसकी तुलना करे तो यह केवल उनके SAME मिशन की लागत का 10 से 20 % ही होता है इसके लिए हमे अपने देश के सइंटीस्टो कि सराहना करनी चाहिए और उनपर गर्व करना चाहिए।

चंद्रयान-3 कब लॉंच होगा

chandrayaan ३ कब लांच की बात की जाये तो NEWS एजेंसी से पता चला है की chandrayaan 3 मिशन को DECEMBER 2020 में चन्द्रमा में भेजा जायेगा। बहुत ज्यादा नहीं बस कुछ महीनो के बाद इसे प्रॉपर टेस्टिंग के बाद लांच किया जायेगा।

चंद्रयान-3 का क्या काम?

जीवन के लिए हवा और पानी ज़रूरी है। और सब जगह यही खोज हो रही है। दस साल पहले चंद्रयान-1 के समय चंद्रमा पर पानी की खोज कर दी। लेकिन चंद्रयान-1 को जो मिला, वो पानी के कुछ हिस्से ही थे। कुछ कण ही मिले थे। अब उसकी ही खोज की जा रही है रही है।

इस बारे में इसरो ने भी मीडिया को बताया। इसरो ने कहा था,

चंद्रयान-1 से हमें चंद्रमा पर पानी के कण मिले थे। इस पर ज्यादा शोध होना चाहिए। चंद्रमा की सतह पर पानी कहां-कहां और किस रूप में मौजूद है, और क्या सतह के नीचे और वहां के पर्यावरण में मौजूद है, इस पर और जांच की आवश्यकता है।”

जैसे हमारे ग्रह पर उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव हैं, वैसे चंद्रमा पर भी हैं। और इसरो का मानना है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बहुत बड़ी परछाई दिखती है। और ये परछाई किसी न किसी वजह से पानी की उपस्थिति की ओर इशारा है। दक्षिणी ध्रुव चन्द्रमा का सबसे ठंडा क्षेत्र है तो याँह पर पानी के होने के बहुत अधिक सम्भाबना है।

कंही पर भी जीवन के होने के लिए पानी और ऑक्सीजन का होना अंत्यत आबशयक होता है। इसी की खोज करने के लिए चण्द्रमा पर बहुत से लोगो ने अपने स्पेस मिशन भेजे है जिसमे सबसे मुख्या नाम ISRO का भी आता है। इसी के अंतर्गत इसरो का यह चन्द्रमा में भेजे जाने बाला तीसरा मिशन होगा chandrayaan 3

हमे इस मिशन के successfully लांच होने और इसके सक्सेस होने का बेसब्री से इंतज़ार है। क्या आप भी EXCITED है आप के कमनेन्ट करके बता सकता है। चंद्रयान-3 का क्या काम
अगर आपको chandrayaan 3 के बारे में और अधिक जानकारी है तो प्लीज आप कमेंट और ईमेल करके बता सकते है में उसे जल्दी से अपडेट करने की कोशिश करूँगा।

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