cctv कैमरा कितने प्रकार के होते है और उनमे क्या-क्या खास होता है !

CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है और उनमे क्या-क्या खास होता है: CCTV के पिछले आर्टिकल में आप जान चुके होंगे की CCTV camera क्या होता है। CAMERA TYPE की बात करे तो अलग – अलग जगहों में अलग तरह के camera लगे होते है। आपने बाजार में कई तरह के cameras देखे भी होंगे और आपकी इच्छा भी हुई होगी।

यह जानने की CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है, और इनकी क्या खासियत होती है। इस लेख में मैं आपको CCTV camera कितने  प्रकार के होते, उनकी क्या स्पेसिफिकेशन होती है। और अच्छी और बुरी बातें यह सब बताने बाला हूँ, तो चलिए जानते है कैमरे कितने प्रकार के होते है।

CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है :-

अगर हम कैमरों में उपयोग होने वाली टेक्नोलॉजी को देखते हुए उन्हें Differentiate करे। तो कैमरा टेक्नोलॉजी के हिसाब से तीन प्रकार के होते है:- 1. ANALOG CCTV CAMERA, 2. IP CCTV CAMERA 3. WIRELESS CCTV CAMERA.

1. ANALOG CAMERA :

CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है
CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है

एनालॉग कैमरे दिखने में सभी कमेरो की ही तरह होते हे लेकिन टेक्नोलॉजी की बात करे तो इसमें कैमरे हमे TVL टेक्नोलॉजी में देखने को मिलते हे, TVL का मतलब होता हे टीवी लाइन, जिस टेक्नोलॉजी में हमारे पुराने बाले TV काम करते थे।ठीक उसी टेक्नोलॉजी को लेकर यह कैमरे भी काम करते हे, एनालॉग कैमरों को हम DIRECTLY टीवी पर भी चला सकते हे। लेकिन जितने TV LINE का कैमरा हो टीवी भी उस जैसा या उससे अधिक TV लाइन का होना चाहिए। तभी कैमरा चल पायेगा यानी लाइव दिखा पायेगा।

अभी हम एनालॉग कैमरे की CCTV फुटेज रिकॉर्ड करने के लिए जिस डिवाइस का उपयोग करते हे, उसे हम DVR कहते हे DIGITAL VIDEO RECORDER – DVR ANALOG CAMERA से प्राप्त एनालॉग सिग्नल को डिजिटल में चेंज करता हे OR हमे मॉनिटर के माध्यम से डिजिटल CCTV camera FOOTAGE देखने को मिलती है। ANALOG CCTV CAMERA हमे और कैमरों के मुकाबले सस्ता पड़ता इसलिए यह कैमरे हमे सभी जगह होम, ऑफिस, इत्यादि में दिखने को मिल जाते है।

एनालॉग कैमरों के लाभ:

  1. Cost: Analog कमरों को USE करने का सबसे बड़ा फायदा यह है की यह सबसे सस्ते कैमरे होते है। एनालॉग कैमरा काफी सस्ता पड़ता है, खासकर जब आपको कैमरा की संख्या को भड़ाना हो। इसके इंस्टालेशन में भी ज्यादा खर्चा नहीं आता है।
  2. Easy to install: एनालॉग लोग कैमरे शुरूआती समय से चलते आ रहे है तो इसके saler और vendor आसानी से मिल जाते है। इन कमेरो को आप खुद भी इंस्टॉल कर सकते है क्यूंकि यह बहुत ही सिंपल होते है इनस्टॉल करके के लिए आपको सिर्फ BNC connector और power connector को कैमरे में जोड़ना होता है, अगर आपको थोड़ो भी इसके बारे में जानकारी है तो आप आसानी से कक्तव कैमरा इनस्टॉल कर पाओगे।
  3. Very simple to use (UI): एनालॉग कैमरे के लिए हम दवर का इस्तेमाल करते है और इना यूजर इंटरफ़ेस बहुत ही आसान होता है। आप एक बार में ही सब कुछ सिख सकते हो हालाँकि अलग-अलग DVR की कंपनी का यूजर इंटरफ़ेस अलग होता है लेकिन कॉम्प्लिकेटेड नहीं।  
  4. Technology is getting improved: CCTV कैमरा और दवर की क्वालिटी टाइम टाइम बेटर से बेटर होती जा रही है जैसे पहले हमे नार्मल कैमरे देखने को मिलते थे और अब आपको IR कैमरा, वैरी फोकल कैमरा HD कैमरा , इस तरह से time to time टेक्नोलॉजी improved होती जा रही है। तो आज आपको इतनी चिंता करने की जरुरत नहीं हुई क्यूंकि एनालॉग कैमरे में भी आपके अच्छी quality मिल जाती है।

एनालॉग कैमरों के नुकसान:

  1. Video quality: अगर हम इन कमेरो को डिजिटल कैमरों से compare करे तो कंही न कंही वीडियो quality में यह बहुत पीछे रह जाते है। एनालॉग कैमरे आपको मैक्सिमम आपको 720p तक के मिलते है लेकिन digital cctv camera आपको 4k रेसोलुशन तक का मिल सकता है।
  2. More cables: इन कमेरो को इनस्टॉल करना तो आसान है लेकिन इनके साथ wires बहुत लगती है हर एक कैमरे में आपको video और पावर के लिए वायर चाहिए होती है तो वायर को मैनेज करना एक इशू हो सकता है जांच आपको सिस्टम नेट एंड क्लीन रखना हो

2. IP CAMERA (DIGITAL CAMERA):

IP CAMERA को हम डिजिटल कैमरा भी कहते है, यह कैमरा इंटरनेट प्रोटोकॉल से IDENTIFY होते है तो इन्हे IP कैमरा कहते है। यह कैमरे डिजिटल सिग्नल के ऊपर काम करते है, तो हमे DVR की आवशयकता नहीं पड़ती इन्हे हम डायरेक्टली अपने लैपटॉप, कंप्यूटर जैसे DEVICES पर भी चला सकते है।

आईपी कैमरा की CCTV FOOTAGE RECORD रखने और उसे देखने के लिए NVR का इस्तेमाल करते है जिसे नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर भो कहते है। IP कैमरा हमे MEGA PIXEL में देखने को मिलते है। यह कैमरे एनालॉग कैमरे के वीडियो QUALITY के मुकाबले ज्यादा अच्छे होते है लेकिन IP कैमरा PRICE में थोड़े महंगे होते है।

आईपी कैमरा के लाभ:

  1. High video quality: जैसे मैंने आपको पहले बताया की ip कैमरा हमे 4k resolution तक का मिलता है तो इसकी वीडियो क्वालिटी बहुत अच्छी होती है आप जितना मेगापिक्सेल का कैमरा लोगे उतना ही कुलिटी उसकी अच्छी होगी।
  2. Clean installation: IP कमेरो में कैट-6 केबल use होती है जिसकी बजह से इसका इंस्टालेशन बहुत ही क्लीन साफ सुथरा होता है। 
  3. Intelligence: कैमरे के अंदर आपको बहुत से एडवांस फीचर मिलते है जो आपके कक्तव experience को एन्हांस करते है।
  4. Open platform: IP camera की मेरे पेर्सनली सबसे अच्छी बात यह लगती है इन्हे आप नेटवर्क में कंही पर भी चला सकते है आपको इसके लिए NVR लेना हो तो ले सकते हो और अपने कंप्यूटर से चलना चाहो तो कंप्यूटर से भी चला सकते हो।

आईपी कैमरा का नुकसान:

  1. costly: डिजिटल कैमरे एनालॉग कैमरे से थोड़े कॉस्टली होते है तो IP कैमरा लगवाना थोड़ा महंगा पड़ता है।
  2. Storage: यह कैमरे हाई रेसोलुशन कैमरे होते है तो यह रिकॉर्ड करने के लिए ज्यादा सोरगे स्पेस लेते है इसके लिए आपको अधिक स्टोरेज buy करनी पड़ती है।
  3. Difficult to use: IP कैमरा उसे करने थोड़ा कॉम्प्लिकेटेड होता है लेकिन बहुतज्यादा भी नहीं आपको कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है तो आपको थोड़ी दिक्त हो सकती है।

3. WIRELESS CAMERA:

CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है

जैसे की इसके नाम से ही हमे मालूम हो जा रहा है की यह कैमरा WITHOUT WIRE VIDEO RECORDER या WIRELESS DEVICE से COMMUNICATE करके हमे CCTV LIVE FOOTAGE दिखाने में सक्षम है। यह कैमरे IP और WI-FI टेक्नोलॉजी पर काम करते है जिसकी सहायता से हम बिना किसी वायर के कनेक्शन से CCTV LIVE फुटेज देख पाते है। इन कमेरो को हम डेरेक्टली अपने स्मार्टफोन्स पर भी देख सकते है।

अगर हम WIRELESS कैमरों का SETUP लगवाना चाहते है, तो बह बहुत ही ज्यादा कॉस्टली पड़ता है। इसलिए आपको बहुत ही रेयर WIRELESS कैमरा लगे देखने को मिल सकते है। आप इन कैमरा को टेबल पर रख कर एमरजेंसी केस में इस्तेमाल कर सकते है इस तरह के कैमरे आपको ऑनलाइन भी काभी सस्ते दाम पर मिल जायेंगे।

वायरलेस कैमरों के लाभ:

  1. No Wire Very easy to install: इसमें कोई भी कनेक्शन करने के जरुरत नहीं होती है कैमरे आपको सिर्फ पावर देनी होती है। और आप इसे आसानी से वाल या सीलिंग में हैंग कर सकते है। 
  2. Easy to shift: बहुत बार जब कैमरे को दूसरी जगह शिफ्ट करना होता है, तो वायर्ड कैमरे में दिक्त आ जाती है क्यूंकि हमे उसके लिए वायर चाहिए होइ है लेकिन वायरलेस कैमरे में हमे कोई भी वायर की जरुरत नहीं पड़ती इसलिए वायरलेस कैमरे को आप कंही पर भी शिफ्ट कर सकते है लेकिन बांह पे पावर पॉइंट होना आवश्यक है।
  3. very easy to use: इन कमेरो उसे करना बहुत ही आसान होता है आपको अपने मोबाइल अपने मोबाइल में कैमरा का app इनस्टॉल करना है और विफई को कनेक्ट करके कैमरे को कनेक्ट कर देना है और आप इसे मोबाइल कंप्यूटर और NVR में देख सकते है। 
  4. Can be more affordable: wireless कैमरे अधिक affordable हो सकते हैं क्योंकि उन्हें professional installation की आवश्यकता नहीं होती है।
  5. Cloud storage option: आपके कैमरे के फुटेज को अक्सर क्लाउड तक बैकअप किया जा सकता है ताकि आप अपने कैमरों को remotely देख सकें

वायरलेस कैमरों का नुकसान:

  1. Costly: यह अमेरे थोड़े कोस्तलय होते है और इन कमेरो की सर्विस भी कॉस्टली होती है अगर आप स्टोरेज के लिए क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल करते है तो आपको इसके भी पैसे देने होंगे।
  2. No wide coverage:  वायरलेस कैमरे में सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही होती है की आप कैमरे को बहुत जयदा दुरी पर नहीं लगा सकते है आपको कैमरे को wifi की range के अंदर ही लगाना होता है। 

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एक्सटर्नल टेक्नोलॉजी के हिसाब से OR  दिखने में CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है और उनमे क्या-क्या खास होता है:-

CAMERA के USES के हिसाब से थोड़ी बहुत SPECS और लुक CHANGE होती है।

1. डोम कैमरा:

डोम कैमरा देखने में आधा कटे गेंद के सामान होता है। यह कैमरा छत (सीलिंग) में लगाने के लिए बहुत सही रहता है। देखने में अच्छा लगता इसे लगाने से आपके घर और ऑफिस के लुक में भी कोई नुक्सान नहीं होता है। ज्यादा तर यह कैमरा आपको बैंक, ऑफिस, और दुकानों में लगे मिल जायेंगे। डोम कैमरा भी आपको बहुत से प्रकार के देखने को मिल जायेंगे। जनरल बात की जाये तो डोम कैमरे भी दो प्रकार के होते है। नार्मल डोम कैमरा और वैरी फोकल डोम कैमरा।

2. नार्मल डोम कैमरा और IR DOME CAMERA:

Normal डोम कैमरा भी दो प्रकार के होते है। नार्मल DOME CAMERA OR IR DOME CAMERA। इन दोनों में बस इतना फर्क होता है की नार्मल डोम कैमरा रात में फुटेज लेने में सक्षम नहीं होता है। कियुँकि इसमें इंफ्रारेड LED नहीं होती और IR डोम कैमरा अँधेरे में फुटेज ले सकता है। नार्मल डोम कैमरे के लिए आपको कम पैसे खरच करने पड़ेंगे नाईट विज़न कैमरा आपको थोड़ा कॉस्टली पड़ेगा। नार्मल डोम कैमरा आपको सभी इन्वायरमेन्ट में लगफग एक सा देखने को मिलेगा।

IR डोम कैमरा अच्छी क्वेलिटी की फुटेज लेने में ज्यादा सक्षम होता है, लेकिन इसमें लाइट का प्रभाब भी ज्यादा पड़ता जैसे LOW लाइट में यह उतना अच्छा साबित नहीं हो पाता। अगर दोनों में से कोई एक लेना है, तो नो डाउट आप IR डोम कैमरा ही लें। क्यूंकि यह कैमरा नार्मल डोम कैमरा से कंही ज्यादा अच्छा होता है। लेकिन ध्यान दे इसके फोकस एरिया में प्रॉपर लाइट होनी चाहिए तभी यह कैमरा अच्छा साबित हो पाता है।

3. V/F CAMERA OR IR V/F DOME CAMERA:

जैसा की आप इसके नाम से अंदाजा ला सकते है की यह कैमरा फोकस को लेकर कुछ खास हो सकता है। इस कैमरे में आपको ऑप्टिकल ज़ूम की सुभिदा मिलती है। जिसके द्वारा आप अपने सब्जेक्ट को कैमरे में अच्छे से कवर कर पाएंगे। और इस कैमरे में आप मैनुअली इसका फोकस भी सेट कर सकते है।

वैरी फोकल कैमरा में एक और अच्छी बात यह होती है की इसका लैंस बड़ा होता है नार्मल कैमरे की तुलना में यानि आप और अच्छी फुटेज ले सकते है। IR VERY फोकल कैमरा ज़ूम और फोकस के साथ-साथ IR TECHNOLOGY यानि यह कैमरा रात में भी ब्लैकिन वाइट में हमे cctv camera फुटेज दिखा पायेगा।

4. बुलेट कैमरा:

बुलेट कैमरा देखने में बेलन या किसी डंडे के टुकड़े के सामान होता है। यह कैमरा ज्यादा तर आउट डोर यूज़ होता है आपने किसी ऑफिस के बहार, टोल गेट  चुराहे में, पार्किंग एरिया में जरूर देखा होगा यह कैमरा आउटडोर में अच्छे से काम करता है इसकी क्वेलिटी काफी अछि होती है। यह कैमरे भी दो प्रकार के होते पर आपको दोनों ही जगह नाईट विज़न मिलते है यह एक अच्छी बात है। इसमें आपको एक नार्मल बुलेट कैमरा और एक वैरी फोकल  बुलेट कैमरा मिलेगा।

CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है

5. बॉक्स टाइप कैमरे:

यह कैमरा कुछ हद तक देखने में बुलेट कैमरे की तरह दिखता पर यह कैमरा थोड़ा चपटा होता और बॉक्स की तरह दीखता है। इस कैमरे में आपको Lance अलग मिलता है किसी DSLR कैमरे की तरह। इस CAMERA के OUTPUT के लिए पीसीबी के साथ ही BNC और पावर पिन कनेक्टर जुड़े रहते है। इन कमेरो का लेंस काफी बड़ा होता है जिसकी बजह से यह काफी अच्छी फुटेज लेने में सक्षम होते है। यह कैमरे आपको नाईट विज़न के साथ नहीं मिलते है। आपको इस तरह के कैमरे अक्सर बहुत काम देखने को मिलेंगे।

6. PTZ कैमरा:

PTZ कैमरा इसके फुल फोरम से मालूम हो जाता है, की यह किस तरह का कैमरा हो सकता है। P – PAN , T – TILT , Z – ZOOM  यानि आप इसे रिमोटली इसकी डायरेक्शन CONTROL कर सकते है। आप जिस एरिआ में फोकस करना चाहते है, आप उस एरिया पर फोकस कर सकते है।
इस कैमरे को रोटेट करवा सकते है क्यूंकि यह कैमरा दाएं बाएं और ऊपर निचे घूमता रहता है।

इसकी एक और खास बात यह भी होती है की यह किसी एक सब्जेक्ट पर फोकस कर सकता है, जिस प्रकार कोई सब्जेक्ट मूव करेगा आपका कैमरा भी सब्जेक्ट के साथ मूव होता रहेगा। यह कैमरा थोड़ा सभी कमरों से ज्यादा कॉस्टली होता है। ये कैमरा आपको बड़े गोदामों , चुराहे या किसी चौक पर देखने को मिल सकते है।

7. पिन होल कैमरा:

इस कैमरे को आप हिडन कैमरे के नाम से जानते होंगे। अपने नाम के सबरूप यह देखने में काफी छोटा होता है। यह ऐसी जगह इस्तेमाल होता है जंहा किसी को पता न चले की यह पर कैमरा लगा है। इसके द्वारा ली गयी फुटेज अच्छी होती पर बहुत ज्याद अच्छी नहीं। इस कैमरे के इस्तेमॉल दोनों अच्छे और बुरे कामो के लिए लोग करते कुछ जगह यह कैमरा करपशन का पर्दाफाश करता है, तो कुछ जगह इंसानियत को शर्मशार भी करता है। क्यूंकि इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग है जो इस कैमरे का इस्तेमाल गलत चीजों के लिए करते है जो की कभी नहीं होना चाहिए।

CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते है यह आप अब तक बखूबी जान गए होंगे। जैसा की हमने जाना की कमेरो को हम दो तरीको से CCTV CAMERA को DEPRECIATE कर सकते हे। इंटरनल टेक्नोलॉजी को देखते हुए और एक्सटर्नल टेक्नोलॉजी को देखते हुए!

49 COMMENTS

    • hi Ashish, fil aal bhai humari koi app nahi hai, aapko kuchh puchhna ho to aap comment karke puchh sakte hai, aap kis prakar ki app chahte hai please comment karke bata dena agar veh usefull hoga to mein jarur iske upar ek apple aaunga. thanks.

  1. बहुत अच्छी जानकारी दी है भईया आपने।

  2. सर आप बहुत अच्छा लिखते है मै आपकी Daily Reader हूँ आप हमेशा बहुत ही ज्ञान वर्धक जानकारिय शेयर करते है …सर आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

  3. आपके बेवसाईट पर दी गई जानकारी बहुत ही महत्व पूर्ण एवं उपयोगी हैं

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